नई दिल्ली (J Janmat News Desk): करोड़ों मोबाइल और स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर लगाम कसते हुए नए नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब कंपनियों को 28 दिनों के कथित 'मंथली पैक' के बजाय पूरे 30 दिन और कैलेंडर महीने की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही फर्जी कॉल्स, मैसेज और स्पैमर्स पर नकेल कसने के लिए AI आधारित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ■ 28 दिन के चक्र से आम जनता को राहत: लंबे समय से मोबाइल उपभोक्ताओं की यह शिकायत रही थी कि टेलीकॉम कंपनियां 1 महीने के नाम पर सिर्फ 28 दिनों की वैधता देती हैं। इस व्यवस्था के चलते उपभोक्ताओं को साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था। ट्राई के नए संशोधनों के तहत अब कंपनियों को 30 दिनों की वैधता वाले वॉइस और एसएमएस वाउचर के साथ-साथ ऐसा प्लान भी देना होगा जो हर महीने की समान तारीख को रिन्यू हो सके। ■ फर्जी कॉल्स और स्पैमर्स पर AI का पहरा: स्पैम और फ्रॉड कॉल्स से परेशान जनता के लिए ट्राई ने सख्त कदम उठाए हैं: 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सिस्टम के जरिए संदिग्ध और अनधिकृत कॉलर्स की पहचान की जाएगी। 2. पहली बार उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित नंबर और कनेक्शन की आउटगोइंग सेवाएं 15 दिनों के लिए बंद कर दी जाएंगी। 3. बार-बार स्पैम कॉल्स करने वाले सेंडर्स को 1 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके सभी टेलीकॉम संसाधन काट दिए जाएंगे। 4. कमर्शियल कॉल्स के लिए 160 सीरीज जैसी अधिकृत श्रेणियों को ही वैध माना जाएगा ताकि आम नागरिक साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रह सकें। ■ जे जनमत का दृष्टिकोण: डिजिटल युग में मोबाइल रिचार्ज और साइबर सुरक्षा सीधे हर नागरिक की जेब और निजता से जुड़ा विषय है। ट्राई की यह पहल न केवल उपभोक्ताओं के पैसे की बचत करेगी, बल्कि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर भी प्रभावी अंकुश लगाएगी। (J Janmat News — निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता)