LPU Phagwara Bawal: Hostel Me Sandigdh Ghatna Ke Daave Par Chhatron Ka Badi Sankhya Me Pradarshan, NH-44 Jam Aur Police Ki Karwayi — Janiye Pura Mamla
फगवाड़ा/जालंधर (J Janmat News Desk):
पंजाब के फगवाड़ा स्थित देश के प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों में शामिल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े संवेदनशील दावों और सोशल मीडिया पर फैली चर्चाओं के बाद हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। देर रात से शुरू हुआ यह प्रदर्शन सुबह होते-होते नेशनल हाईवे-44 (जालंधर-दिल्ली मार्ग) के चक्का जाम और कैंपस में व्यापक विरोध-प्रदर्शन में बदल गया।
■ क्या है पूरा मामला और विरोध की वजह?
छात्रों के अनुसार, गर्ल्स हॉस्टल परिसर में सुरक्षा में कथित चूक और एक संदिग्ध घटना को लेकर छात्र समुदाय में पिछले कुछ दिनों से नाराजगी थी। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन को इस बारे में शिकायत देने के बावजूद संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए। इसके साथ ही पूर्व में हुई एक छात्रा की दुखद मौत के मामले को लेकर भी छात्रों में असंतोष व्याप्त था। इसी के चलते देर रात बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर निकल आए और न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।
■ कैंपस में तनाव, तोड़फोड़ और हाईवे जाम:
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त बेकाबू हो गया जब गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर मार्च निकाला और प्रशासनिक ब्लॉक के पास प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद छात्रों का हुजूम जीटी रोड (NH-44) पर पहुंच गया, जिससे जालंधर-फगवाड़ा रूट पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
■ प्रशासन और पुलिस का बयान:
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कपूरथला और जालंधर रेंज से भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बात की:
1. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और कुछ असत्यापित अफवाहों के चलते छात्रों में गुस्सा भड़का।
2. प्रशासन ने छात्रों को निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की समीक्षा का भरोसा दिलाया है।
3. यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी बयान जारी कर भ्रामक दावों से बचने की अपील की है और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। तनाव को देखते हुए कक्षाओं और परीक्षाओं को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
■ जे जनमत का दृष्टिकोण:
शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पारदर्शी संवाद और ठोस कानूनी जांच ही व्यवस्था और छात्रों के बीच विश्वास बहाल कर सकती है।
(J Janmat News — निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता)


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