नई दिल्ली:


राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। लगातार हो रहे उग्र प्रदर्शनों और बैरिकेड्स तोड़े जाने की घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सख्त कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। 


इसके तहत पूरे इलाके में 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने, लाठी-डंडे लेकर चलने और बिना अनुमति सभा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।


दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई, 3 नई FIR दर्ज:

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी काम में बाधा डालने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और कनाट प्लेस थाने में 3 अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और बिना परमिशन संवेदनशील इलाकों में घुसने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


आज 4 अक्टूबर को 'सिटिजन्स मार्च' का बड़ा आह्वान:

पुलिस की सख्ती और धारा 163 के बावजूद छात्र संगठनों (AISA, SFI), नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने झुकने से इनकार कर दिया है। संगठनों ने आज 4 अक्टूबर को राजधानी में बड़े 'सिटिजन्स मार्च' (नागरिक मार्च) का ऐलान किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए मतदाताओं के अधिकार छीनने के खिलाफ यह देशव्यापी जनांदोलन बन चुका है।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी:

जंतर-मंतर, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के आसपास दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के गेटों पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है ताकि भीड़ को इकट्ठा होने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।


जे जनमत ग्राउंड डेस्क की रिपोर्ट:

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