नई दिल्ली:
रूस-यूक्रेन युद्ध की आग अब सीधे तौर पर भारतीय नागरिकों तक पहुंच गई है। ब्लैक सी (Black Sea) में एक मर्चेंट शिप पर हुए रूसी मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा राजनयिक रुख अपनाते हुए रूस के सामने सख्त आपत्ति दर्ज कराई है और इसे 'पूरी तरह से अस्वीकार्य' (Unacceptable) करार दिया है।
मिसाइल हमले की जद में आया कॉमर्शियल जहाज:
मिली जानकारी के मुताबिक, ब्लैक सी के समुद्री मार्ग से अनाज और वाणिज्यिक सामान लेकर जा रहे एक कार्गो जहाज पर अचानक मिसाइल से हमला किया गया। हमले के समय जहाज पर कई क्रू मेंबर्स मौजूद थे, जिनमें भारतीय नाविक भी शामिल था। हमले के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायल नाविक को आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी गई है।
विदेश मंत्रालय का तीखा बयान:
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद सख्त बयान जारी किया है। भारत ने स्पष्ट कहा कि सिविलियन जहाजों और निर्दोष समुद्री नाविकों को युद्ध क्षेत्र में निशाना बनाया जाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दोनों देशों के साथ बातचीत का हवाला देते हुए दोहराया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और भारतीयों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
मास्को से सीधे जवाबदेही की मांग:
भारत सरकार ने रूसी अधिकारियों के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर इस घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सिविल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी मांगी है। युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है जब भारत ने सीधे तौर पर किसी हमले में भारतीय नागरिक के आहत होने पर इतना आक्रामक रुख दिखाया है।
जे जनमत इंटरनेशनल डेस्क:
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