नई दिल्ली:


चुनाव आयोग विवाद और विपक्षी नेताओं के हिरासत में लिए जाने के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा दिए गए 'दिल्ली चलो' और संसद घेराव के आह्वान के बाद गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। राजधानी की सभी सीमाओं, विशेषकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जुड़ने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।


सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर सघन चेकिंग, वाहनों की लंबी कतारें:

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और किसान संगठनों के प्रवेश को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर मल्टी-लेयर कंक्रीट बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगा दिए हैं। आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके चलते सुबह पीक आवर्स में कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


संसद मार्ग और लुटियंस दिल्ली में धारा 163 लागू:

मध्य दिल्ली, रायसीना रोड, जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों (CRPF/RAF) और दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) सख्ती से लागू है और किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी जमावड़े या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई और हिरासत में लेने के निर्देश दिए गए हैं।


विपक्ष और संगठनों की चेतावनी:

विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है। विपक्षी समन्वय समिति का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का मौलिक अधिकार है और सरकार पुलिस बल के दम पर जनता की आवाज को दबा नहीं सकती।


जे जनमत ग्राउंड डेस्क:

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