नई दिल्ली:


देश के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए देश के सभी हालिया चुनावों को गैर-कानूनी करार दिया है। खड़गे ने सीधे तौर पर लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं को तुरंत भंग करने और बैलेट पेपर (Ballot Paper) के जरिए नए सिरे से चुनाव कराने की अभूतपूर्व मांग रख दी है।


"चुनावी प्रक्रिया में धांधली, जनादेश अवैध":

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम गायब किए गए हैं और पूरी चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब नींव ही सवालों के घेरे में हो, तो मौजूदा संसद और सरकार की वैधता पर स्वतः प्रश्नचिह्न लग जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच और बैलेट पेपर से मतदान कराने की वकालत की।


जंतर-मंतर पर तनाव, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव हिरासत में:

इधर राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छात्र संगठनों और नागरिक समाज का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी उग्र बना रहा। पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर हिरासत में ले लिया।


भाजपा का पलटवार:

खड़गे के इस बयान के बाद सत्तापक्ष ने भी जोरदार पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष लगातार हार के डर से देश की संवैधानिक संस्थाओं, लोकतंत्र और जनता के स्पष्ट जनादेश का अपमान कर रहा है।


जे जनमत ग्राउंड डेस्क की रिपोर्ट:

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