नई दिल्ली / लेह:


पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पिछले कुछ दिनों से बढ़े हवाई और सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भारत और चीन के बीच राजनयिक व सैन्य स्तर पर बड़ी प्रगति देखने को मिली है। चुशूल-मोल्डो सीमा बिंदु पर आयोजित भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख के शेष फ्रिक्शन पॉइंट्स—विशेषकर देपसांग (Depsang) और डेमचोक (Demchok)—से चरणबद्ध तरीके से सैनिकों की वापसी (Disengagement) और पूर्व-यथास्थिति बहाली की रूपरेखा पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की है।


हवाई अलर्ट के ठीक बाद अहम बैठक:

कल चीनी लड़ाकू विमानों की आक्रामक गतिविधियों के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा राफेल और सुखोई-30MKI की चौबीसों घंटे कॉम्बैट एयर पेट्रोलिंग (CAP) शुरू किए जाने के बाद यह बैठक बेहद संवेदनशील माहौल में शुरू हुई थी। भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर ने किया, जिन्होंने सीमा पर किसी भी प्रकार के एकतरफा बदलाव और हवाई नियमों के उल्लंघन पर कड़ा ऐतराज जताया।


बैठक के प्रमुख बिंदु और सहमति:

1. चरणबद्ध डिसइंगेजमेंट: दोनों सेनाएं देपसांग के मैदानों और डेमचोक के चरवाहा क्षेत्रों से अग्रिम मोर्चों पर तैनात भारी हथियारों और सैन्य टुकड़ियों को पूर्व-निर्धारित बेस पर पीछे खींचेंगी।

2. संयुक्त सत्यापन तंत्र: सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया कागजों तक सीमित न रहकर सैटेलाइट इमेजरी और यूएवी (ड्रोन) के जरिए दोनों पक्षों द्वारा सत्यापित की जाएगी।

3. हवाई प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन: एलएसी के 10 किलोमीटर के दायरे में लड़ाकू विमानों की उड़ानों को नियंत्रित करने और हॉटलाइन संचार को 24 घंटे सक्रिय रखने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।


सर्दियों से पहले बड़ी राहत:

लद्दाख के बर्फीले पठारों पर कड़ाके की सर्दियां शुरू होने से पहले इस समझौते को सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैन्य जानकारों का कहना है कि यदि यह डिसइंगेजमेंट जमीन पर पूरी तरह लागू होता है, तो 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच बना अभूतपूर्व सैन्य गतिरोध खत्म होने की दिशा में यह सबसे मजबूत कदम साबित होगा।


विदेश मंत्रालय और सेना की संयुक्त निगरानी:

भारतीय सेना मुख्यालय और विदेश मंत्रालय (MEA) स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। रक्षा सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक चीनी सेना जमीन पर पीछे हटने के स्पष्ट साक्ष्य नहीं देती, तब तक भारतीय अग्रिम एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम्स का हाई अलर्ट स्तर कम नहीं किया जाएगा।


जे जनमत डिफेंस डेस्क:

'जे जनमत न्यूज़' (J Janmat News) देश की सरहदों, सामरिक समझौतों और राष्ट्रीय सुरक्षा के हर बड़े घटनाक्रम की सटीक और निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्ट आप तक पहुंचाता है। भारत-चीन सीमा समझौते की लाइव अपडेट्स के लिए विजिट करते रहें www.jjanmat.in।